रविवार, 3 फ़रवरी 2019

हिमालय की गोद


                                             हिमालय की गोद




हिमालय की गोद                                क्या है गोद ?  

हिम  तथा आलय  से मिल कर बना है, जिसका शब्दार्थ बर्फ का घर होता है। यह ध्रुवीय क्षेत्रों के बाद पृथ्वी पर सबसे बड़ा हिमआवरण वाला क्षेत्र है।


गोद वह है जो जिसका जन्म नही होता है व् खुद गोद में बैठा है जिसका नाम स्वयभू  (भोला बाबा  , शिव शंकर  ) है  वह गोद जिससे निर्मल अमृत बहती है

पूरी धरती पर ऋतू का रंग बदलती है


अगर हिम के गोला ( हिमालय ) नही होता तो हम भारती को पता नही होता की सर्दी क्या गर्मी क्या और वर्षा क्या है


* समय समय पर अपने आप को सजती सभार्ती है वही हिमालय है


२०१३ में मनुष्य की कुछ गलतियों कहा जाय  या अज्ञान ता के कारन  मै अपनी भाषा में कहू तो  भूकंप

यहाँ सब कुछ चल गया उस नील आकाश  मै  , सिर्फ एक को छोर कर व् वह है स्वयंभू ( भोला /शंकर , केदार नाथ )

अखंड भारत की हिमालय मै एक ही है जो अलग अलग नाम से जाना जाता है केलाश  पशुपति नाथ केदार नाथ आदि  नाम से जाना जाता है


इस धरती का एक ही बेटा है व् है शिव जो अटल है  माँ की गोद जो चैन है वही आनद हिम के गोल के गोद मै है

·         # इस गोद की ही इज्जत ै चीनी व् पाकिस्तनी क्या जाने ?

·        #  प्राकृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कारणों से महत्वपूर्ण है।

 इस हिमालय से अखंड भारत का मौसम बदलता है और हमारे जीवन का रंग बदलता है 



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